(प्रयागराज,UP)26अक्टूबर,2026
तीर्थराज प्रयागराज में शरद पूर्णिमा पर आस्था का महासंगम उमड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों भक्तों ने संगम में पवित्र स्नान कर मां लक्ष्मी और गंगा मैया की पूजा की।
भक्तों ने परिवार में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और जन-कल्याण की प्रार्थना की। घाटों पर “हर-हर गंगे” के जयकारों से पूरा संगम क्षेत्र गूंज उठा।
शरद पूर्णिमा को वर्ष की सबसे पवित्र रात माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी किरणों से अमृत बरसता है।
आज रात प्रयागराज में खीर की विशेष परंपरा निभाई जाएगी। श्रद्धालु खुले आसमान में खीर रखेंगे, ताकि चंद्रमा की रोशनी उसमें समा जाए। मान्यता है कि यह खीर अगले दिन प्रसाद के रूप में खाने से शरीर निरोग होता है।
महिला श्रद्धालु संजू ने कहा, “आज बहुत पवित्र दिन है। हम सबके मंगल के लिए संगम स्नान करने आए हैं।”
तीर्थ पुरोहित गोपाल गुरु ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर लक्ष्मी और इंद्र देव की पूजा से घर में धन-धान्य बढ़ता है और संतान सुखी रहती है।(साभार एजेंसी)
