(देहरादून)24अक्टूबर,2026
त्योहारी सीजन में आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने देहरादून से मसूरी तक मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंटों, बेकरी और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया। अभियान के दौरान कुल आठ खाद्य नमूने जांच के लिए खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए। वहीं, खाद्य सुरक्षा से संबंचित आवस्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर छह रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी किए गए।
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर चलाए गए अभियान में देहरादून नगर निगम क्षेत्र, विकासनगर, सेलाकुई और मसूरी में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अधिकारियों ने खाद्य कारोबार के लाइसेंस, स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता, कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने बुद्धापार्क, क्लेमेनटाउन स्थित दशा रेस्टोरेंट कैफे रिची रिच पहाड़ी रसोई नौरंगिया कैफे, वेलकम और कलसंग का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पेवजल परीक्षण रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल संबंधी दस्तावेज और मीट उत्पादों के स्रोत से जुड़े अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। इस पर संबंधित प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 61 के अंतर्गत नोटिस जारी किए गए। विभाग ने आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित जैना चूर चूर नान से भारत किंग डेयरी के पैक्ड पनीर का नमूना भी जांच के लिए लिया गया।
अभियान के दौरान आनंदम स्वीट्स की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया गया, जहां साफ-सफाई की स्थिति उचित पाई गई। इसके बाद हलवाई एसोसिएशन देहरादून के साथ बैठक कर मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिधि और अवसान तिधि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए। विभाग ने मिठाई विक्रेताओं से उपभोक्ताओं के हित में इन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करने को कहा।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सधाना के नेतृत्व में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने विकासनगर के धूलकोट स्थित स्वीट्स वीके की निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। यहां खाद्य लाइसेंस उपलब्ध था, लेकिन यह निर्माण श्रेणी का नहीं था। इस पर आवश्यक संशोधन होने तक निर्माण कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षणा में पेयजल जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। संदेह के आधार पर सागुल्ला, लड्डू और बर्फी के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए।
सेलाकुई में भी रेस्टोरेंटों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। मिठाई विक्रेताओं को ट्रे पर निर्माण और अवसान तिचि अंकित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मिल्क केक और पेड़े के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।
बरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारी कपिल देव ने मसूरी के मॉल रोड और लंढौर क्षेत्र में मिठाई एवं बेकनरी की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानदारों को मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और अवसान तिचि स्पष्ट रूप से लिखने के निर्देश दिए गए। लंडीर बाजार से बेसन के लड्डू और एक डेयरी से पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सधाना ने बताया कि अभियान के दौरान कुल आठ खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखना, उचित लाइसेंस रखना, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना, कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच कराना और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है।
अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष समाना तथा बरिश्व खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, संजय तिवारी और कपिल देव सहित विभागीय टीम शामिल रही। विभाग ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्हानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। (साभार)
